क्या भूलूँ क्या याद करु मैं *Kya Bhulu Kya Yaad Karu Mai*

By Harivansh Rai ji Bacchan 💐 Picture : I clicked this...in last diwali season. क्या भूलूँ, क्या याद करूँ मैं! अगणित उन्मादों के क्षण हैं, अगणित अवसादों के क्षण हैं, रजनी की सूनी घड़ियों को किन-किन से आबाद करूँ मैं! क्या भूलूँ, क्या याद करूँ मैं! याद सुखों की आँसू लाती,दुख की, दिल भारी कर … Continue reading क्या भूलूँ क्या याद करु मैं *Kya Bhulu Kya Yaad Karu Mai*

पापा जी

शब्द तो कम हैं, भाव इतने सारे हैं। जमीन,जहान और प्यार देने वाले,ग़लतियो पर तुरंत डाट कर सुधार देने वाले,डाट से तो अब भी बुरा लगता है,पर यही डाट ने दूनिया की हर बुराई से बचाया है,पिता बन कर पिता की कीमत और समझ पाते हैं,समझ कर सब आप कैसे नासमझ बन जाते हैं,सोच से … Continue reading पापा जी

आंखें कितनी भीगी हैं

यादें कितनी मीठी हैं आंखें कितनी भीगी हैं तुम्हारी बातें और ठहाकों के बिना हर शाम फीकी-फीकी है। भजनों में तो अब भी जान है कीर्तन की तो अब भी शान है पर तुम्हारे ठुमको के बीना सखी हर उत्सव के उत्साह की तो बात भी अधूरी-अधूरी है यादें कितनी मीठी हैं आंखे कितनी भीगी … Continue reading आंखें कितनी भीगी हैं

Dear Sibling

तेरा निवाला छीन के खाना फिर तूझे अपनी पूरी प्लेट दे जाना तेरे साथ लड़ना तो बस एक बहाना है तू ही ताकत है मेरी,बस तू साथ रह मेरे हमारी जोड़ी से जलता सारा ज़माना है Happy Rakshabandhan Happy reading! Yours loving warrior Naina

My 1st bday….. Diary of Baby Avyukt

Nanhe kadam Aaaj ek saal baade hue hain Papa mummy hum Aapke pyaar se bade hue hain😊 Papa khelte hain saath Nehla k kabhi kabhi malish bhi Kar dete hain Meeting chor ke Fir kabhi kabhi ...Mummy ko help karte Aur Mujhe samhal dete hain Papa beta dono sath dance karte Aur zor zor se … Continue reading My 1st bday….. Diary of Baby Avyukt

25 वर्ष 💕

25 वर्ष बीते साथ में एक दूसरे के प्यार में ये बंधन अब अटूट है सुख दुख जो देखे हैं साथ में आपके प्रेम की खुशबू और बढ़ती जाए आशियां आपका खुशियों से जगमगाये दुआ है दिल से आप का साथ बस यूं ही बढ़ता जाए ! Happy reading ! Wishes are always special if … Continue reading 25 वर्ष 💕

Apne lag jaate hain kabhi kabhi

एक  सबकहम  ऊँचे  नहींऊँचा है  रबकब किस से मिला जाता  हैरिश्ते मीठे बना जाता हैपता  नहीं हर मुलाकात के  शायद मतलब  नहीं होते  हैं ज़ज्बात, मुस्कुराहट,आंखें और  चेहरे की चमक... कहाँ कहती हैं सचझूठ भी  नहीं कहती  हैं वैसे बस कुछ चीजें 'अपनी' हैंऔर  कुछ 'अपनी है  ही  नहीं'.बस गलती  से  अपनी  लग जाती  है  … Continue reading Apne lag jaate hain kabhi kabhi