The touch was just a slight In that Brumal wintery night They acted in their deep sleep From warmth, away, they couldn’t keep And soon they entwined And in one they combined Sharing warmth and care Two hands now slept together

जाने क्या मन ढूंढ रहा

खुलती हुई कलियों में , उन भूली बिसरी गलियों में ओस की उन बूंदों में उचटती अकेली नींदों में जाने क्या मन ढूंढ रहा उड़ते हुए परिंदो में पर्वत के रिन्दों में सागर की उठती लहरों में उजड़े हुए शहरों में जाने क्या मन ढूंढ रहा नदियों की होती कलकल में सन्नाटे के हर पल … Continue reading जाने क्या मन ढूंढ रहा

I remember the days; The days – white and black And got mingled; they both Turning to a grey deck Likewise I encountered People in various hues Like chameleon they were Changed colours after use So sitting alone now I too wonder Why obsessed with colours Why to them we pander And am I different … Continue reading

आज भी है

कितने बरस बीत गए तरसती नज़र क्यों आज भी है रास्ते ही अलग हो गए तो दिल में क्यों धड़कते आज भी है खुली किताब हूँ मैं पर दफन मेरे सीने में कुछ राज़ क्यों है दरख़्त कबके सूख गए बाग़ मेंखुशबू क्यों आज भी है निशां न हो एक भी लेकिन जख्मों में 'मुंतशिर' … Continue reading आज भी है

मुलाक़ात

निगाहो से होती थी वैसे तो गुफ़्तगू कैसे करें हाल-ए-बयाँ झुकी हों पलकें अगर इब्तिदा -ए – इश्क़ मे जो उड़ते थे अर्श पर इंतिहा में वो मिले फर्श पर अक्सर उस मर्ज़ का इलाज़ नहीं मौज़ूद तबीब ही देने वाला हो जिसका आज़ार गर भेजा था मज़मून कासिद से यूँ तो अशकों से धुल … Continue reading मुलाक़ात

Asymptote ( A re-post)

Yes! They had that rare thing We call platonic love Serene as ganges Pure as white dove They understood each other well Could read what’s on other’s mind And comfort in one another’s company They always find They celebrated the oneness And respected the differences And when they talked Never drew wrong inferences He made … Continue reading Asymptote ( A re-post)

तेरे प्यार पर अब भी है इख्तियार उनका 💕

लबों पर आती थी बिन बुलाए मुस्कुराहट जो महफ़िल में ज़िक्र होता था उनका उन सोखियो -ए - तबस्सुम के मरासिम क्या बताएँ दिन अच्छा गुज़रता, गर दीदार होता था उनका बिछड़ना उनका हमारा कोई नई बात नहीं पास लाके दूर जाना दस्तूर है उनका ज़ोर-ए-आज़माइश बखूबी कर रहे हैं वो दिल गोया पत्थर हो … Continue reading तेरे प्यार पर अब भी है इख्तियार उनका 💕