पापा जी

शब्द तो कम हैं, भाव इतने सारे हैं। जमीन,जहान और प्यार देने वाले,ग़लतियो पर तुरंत डाट कर सुधार देने वाले,डाट से तो अब भी बुरा लगता है,पर यही डाट ने दूनिया की हर बुराई से बचाया है,पिता बन कर पिता की कीमत और समझ पाते हैं,समझ कर सब आप कैसे नासमझ बन जाते हैं,सोच से … Continue reading पापा जी