सोचना पड़ा !

सोचना पड़ा उसे भी, मुझे भी सोचना पड़ा, सोचना पड़ा उसे उस पिता के लिए जो उम्र की दहलीज पर था, सोचना पड़ा उस माँ के लिए जिसने उसके लिए कुछ सपने बुने थे, सोचना पड़ा उस परिवार के लिए जिसकी उम्मीदें थी उससे, सोचना पड़ा उसके लिए जिसका कर्ज था उस पर, जिसका बोझ … Continue reading सोचना पड़ा !