विचार …

लबों पे हँसी और आँखों में नमी है हर पल ख़ल रही तुम्हरी कमी है ना जाने कैसे इम्तिहां की घड़ी है ना सर पे आसमान ना पैरों के नीचे ज़मी है अब किस मोड़ पर हूँ मैं समय को रोक लूँ इस सोच में हूँ मैं जी कर रहा है ख़ुदा से लड़ लू … Continue reading विचार …