A step ahead

It was so peaceful like it never was before It was so warmer like it never was before It was so soothing like your nerves on my heart rolled It feels so 'filled' and satisfied Like a rainbow dressed in shinny white To the heights of his excitement and satisfaction The hero of my sky … Continue reading A step ahead

एक रिश्ता ऐसा भी

मैं दिसंबर और तू जनवरी. . ये रिश्ता बेहद नज़दीक का और दूरी... पूरे साल भर की Behad khubsurat rishta Behad khusbsurat expression ashushudha! Afterall Love is infinity💓 Happy reading readers Yours loving warrior Naina

Peela Peetal (Qki Har peeli cheez sona nahi hoti)

Peetal kabhi sona nahi ban sakta Gadha kabhi ghoda nai ban sakta Jhoot se chahe kitni safai de do Hakikat karmo se dikhti hain Chaplusi Chalbaazi Mehnat ke aage kahan tikti hai Naseeb kharab baad mein hote hain Pehle karam kismat chunte hain Dusro ke ghar todne walo ko Khuda bhi kahan chunte hain! Happy … Continue reading Peela Peetal (Qki Har peeli cheez sona nahi hoti)

जाने क्या मन ढूंढ रहा

खुलती हुई कलियों में , उन भूली बिसरी गलियों में ओस की उन बूंदों में उचटती अकेली नींदों में जाने क्या मन ढूंढ रहा उड़ते हुए परिंदो में पर्वत के रिन्दों में सागर की उठती लहरों में उजड़े हुए शहरों में जाने क्या मन ढूंढ रहा नदियों की होती कलकल में सन्नाटे के हर पल … Continue reading जाने क्या मन ढूंढ रहा

सोच

आज लोगों को ये हुआ क्या है, क्यूँ हो रही है इनकी ऐसी सोच जैसे हों ये किसी चोट से ग्रसित या हो जैसे ये कोई बड़ी मोच...   ये सब स्पष्ट कहने में नहीं मुझे कोई संकोच आज लोगों को हुआ क्या है क्यूँ हो रही है इनकी ये सोच।।   स्वार्थ का रख … Continue reading सोच

कहानी ( माँ )

असम्भव  है  माँ तेरे  किरदार  की  कहानी  लिखना, जैसे  पानी  पे  हो पानी  से  पानी  लिखना।।   आसाँ  है  शक्लो सूरत  से तेरी  तरह  दिखना, पर  असम्भव  है  माँ तेरी  कहानी  लिखना।।   तू  है  माँ  भरपूर  गुणों  से हूँ  मैं  इक  घड़ा  चिकना, असंभव  है  माँ तेरे  किरदार  की  कहानी  लिखना...