जीत या हार

नेकी कर बदी से डर खुदा को है मुँह दिखाना नीचा दिखाकर यूँ किसी को, ना इतना तू इतराना।   किसी ज्ञानी बुज़ुर्ग ने कहा है, "हर वो जीत हार है के मकसद  जिसका है किसी को  नीचा दिखाना..."