इस रात की सुबह नहीं

दिल पूछता है बार बार अब होकर बेकरार और बेसबब दिल पूछता है बार बार अब नई सुबह कभी आएगी भी? रात ये कटेगी कब..?? होकर बेकरार बेसबब दिल पूछता है बार बार अब . . . कह देते हैं हम भी यूँही अब बाकायदा ओ बाअदब रात ये कट ही जाएगी जब चाहेगा मेरा … Continue reading इस रात की सुबह नहीं