नामकरण


शहरों के नामों को लेकर

बड़ी अफ़रा तफ़री है आजकल

फ़ोन करके योगीजी को प्रति सुबह

पूछने लगा है अब तो गूगल (Google) ।।

 

कि साहब, नाम वैसे ही रहने दें

या है आज कोई आपकी नई पहल।

इतनी समस्याएँ लिए फ़िरते हो

नहीं मिला क्या आज तलक कोई हल ।।

फ़ोन करके योगीजी को प्रति सुबह

पूछता यही है अब तो गूगल…

 

सबने मिल कर एक साथ

शायद इसी लिए खिलाया था कमल

होते तो शायद आज वे भी करते विस्मय

नाम था जिनका पटल – अटल ।।

फ़ोन करके योगी जी को प्रति सुबह,

अवश्य यही कहता होगा गूगल…

 

पटल =  पटेल {लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल}

अटल = अटल बिहारी बाजपेयी जी

सभी शहरों, स्मारकों के नाम बदलना, विकास कार्यों से भी ज्यादा ज़रूरी है शायद…

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14 thoughts on “नामकरण

  1. गा रहा हूँ इस महफ़िल मे
    आपकी मोहब्बत है,
    आज हूँ मैं जो कुछ भी वो
    आपकी इनायत है,
    आपकी इनायत है…।।
    🙏🏼🙏🏼

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  2. एक युवा की यही सोच है कि विकास हो,
    देश आगे बढ़े, और कुछ नहीं…

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      1. Yeah same but it’s okay to be done… What if your name would be “ashu_ali”
        This change is good and give some positive vibes

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        1. If my parents narate me as Ashu Ali, then it will much more okay than to be called as Ashu Singh or Ashu Kumar or anything else
          Bcoz
          नाम मायने नहीं रखता
          काम मायने रखता है
          जैसे सूरत की सुंदरता के मायनें हैं
          या सीरत के…..

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    1. यदि नाम बदलने से ही
      बदलती दशा
      तो कोई क्यों कहता
      बदलने को दिशा…

      Liked by 1 person

    2. यदि बदलने से नाम
      जो चल जाता काम
      तो फिर कोई क्यों ऐ साहिब
      होता इस कदर बदनाम।

      I think this is
      केवल कोरी तामझाम,
      राजनीतिक फ़ायदा है शायद
      आम के आम और गुठलियों के भी दाम।।

      Liked by 2 people

  3. हमारे नेतागण शायद यह सोचते हैं कि नाम बदलने से इतिहास बदल जाएगा. शुरुआत तो स्वाधीनता के साथ ही हो गई थी लेकिन मौजूदा सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं. ईश्वर इन्हें सद्बुद्धि दे.

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    1. जब तक हम अपने स्वार्थ से ऊपर उठ कर नहीं सोचेंगे, तब तक हर कोई ऐसे ही करता रहेगा।।

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    2. आज ज़रुरत है विकास की,
      ये जाति और धर्म की आड़ ले कर खेल खेलने से जगहँसाई ही होनी है, और कुछ नहीं।

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