तेरा एहसास

तेरा एहसास होता है हर स्वांस, साधारण सा लम्हा भी हो जाता है जैसे खास।। तेरा एहसास . . . # दूर होकर भी हरदम होता है तू पास मन क्यों बेचैन है हो उठता बढ़ती क्यों जाती है प्यास।। तेरा एहसास . . . # अब दरस दिखा हे बनवारी, तो कटे ये वनवास। … Continue reading तेरा एहसास