आसरा इक तेरा

तेरा इक आसरा होवे तो सहारे ही सहारे हैं तेरे इश्क में दम निकले गुज़ारे ही गुज़ारे हैं...   #वो नैया डूब नहीं सकती कि जिसका तू मल्लाह होवे उसे तो मझधार अन्दर भी किनारे ही किनारे हैं... !!मेरे गोपाल !! श्री गोपाल जी (ईश्वर) को समर्पित