माँ तुम बहुत याद आती हो…


आँखों के किनारे पर आ कर यूँ ही ठहर सी जाती हो, माँ तुम बहुत याद आती हो

सुबह का अलार्म और रात की लोरी बन जाती हो , माँ तुम बहुत याद आती हो

सर में दर्द हो तो मरहम और दिल में दर्द हो तो दुआ बन जाती हो, माँ तुम बहुत याद आती हो

नींद ना आने पर सिराहना और बीमार पड़ने पर डॉक्टर बन जाती हो, माँ तुम बहुत याद आती हो

तनहा रहू तो दोस्त, परेशान रहू तो सलाहकार बन जाती हो, माँ तुम बहुत याद आती हो

समझ ना आए तो टीचर और गलती करने पर सब से बचाती हो, माँ तुम बहुत याद आती हो

जादू की तरह एक पल में सब ठीक कर जाती हो, माँ तुम बहुत याद आती हो

क्यों कर दिया मुझे खुद से इतना दूर की आँखे खुलते ही तुम ओझल सी हो जाती हो, माँ तुम बहुत याद आती हो

अब तो बस पलके भीगा कर होठों पर मुस्कान छोड़ जाती हो, माँ ….तुम बहुत याद आती हो….

Add some more lines in this… I don’t have much of words

Thanks & Regards

Virus_miki

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4 thoughts on “माँ तुम बहुत याद आती हो…

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