वो भी क्या वक़्त था  जब 17 और 19 प्यार का नहीं शादी का दौर था चालीस बरास पहले हुई थी बिदाई,  एक नन्ही सी कलि हुई थी पराई,  बेटी को विदा कर खुश कौन होता है फिर भी अंगना में गूंज रही थी शहनाई जाते जाते माँ ने एक बात थी बताई सुनते ही … Continue reading