सच या सपना …

क्या ये मेरी किस्मत में लिखा था...? या मैं खुद ही अपनी तक़दीर लिख रही हूँ ..? ये धुंद्ध है आँखों में रखे आँसुओं की या मैं फिर से सपनो की चादर बुन रही हूँ..?? ~virus_miki