क्यों ?


Happy reading

Yours loving warrior

Naina

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11 thoughts on “क्यों ?

  1. जब कभी भी तुम्हें कोई बात सताए

    याद मुझे तुम कर लेना

    हँस कर करना याद मुझे तुम

    कभी “नैना” न अपने भर लेना…

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  2. एहसास क्य्ँ न हो तुम्हें ‘मेरे’ होने का

    मैं ख़यालों में सदा रहूंगा

    और कहते हो आकाश मुझे

    तो हर चुभती धूप से सदा रक्षा करूंगा…

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  3. कायम है वो साथ अभी भी
    तो जज़बात का होना तो लाज़मी है
    अल्फ़ाज़ तो उनके अमर हैं साहिब
    तो आवाज़ का होना भी तो लाज़मी है….

        है ना,   पूछे हैं ये  'उनके'  नैना
    

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  4. रहते हैं सदा साथ हमारे
    वे नभ (आकाश) मे बनके चमकते सितारे
    रहेंगे सदा हम उनके प्यारे
    तू क्यूँ इस कदर है हिम्मत हारे

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  5. Vry well u writ warrior

    Bt sry to say ki

    कभी ऐसा भी होता है
    कि भीड़ में भी हम अकेले होते हैं
    और कभी कोई साथ न होकर भी
    साथ महसूस होता है
    Which one is better, say

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