संग हूँ तेरे

हो घड़ी कैसी भी,  संग हूँ तेरे समा हो चाहे कैसा भी  संग हूँ तेरे.. कभी न समझना दूर मुझे तुम रहना कभी न तुम उदास  बस दिल से लेना पुकार मुझे तुम  पाओगे फिर मुझे तुम अपने पास गर कभी  जो ठोकर खाओ,  "प्रिय मेरे" न तुम घबराओ  सम्भाल लूँगा हर हाल में तुमको … Continue reading संग हूँ तेरे