माँ “प्यारी माँँ”

जब भी कभी हम किसी संकट में होते हैं   तो पता नहीं कैसे उसे मालूम हो जाता है झट से फोन करती और कहती है  बेटा, कहाँ है, कैसा है, सब ठीक तो है ना.. हर छोटा बड़ा दर्द  हर छोटी से छोटी बात  बिना कहे ही जान जाती है  पूछती है, क्या हुआ, … Continue reading माँ “प्यारी माँँ”