माँ   

माँ क्या है  माँ तू मेरी जिन्द है, तू मेरी जान है   हर बार हर जगह मेरी  इक तू ही तो पहचान है जो कहते हैं जहान में, सब हम ही हैं करते शायद वो तेरे वास्तविक स्वरूप से अब तक अनजान हैं..  यूँ तो ये जहाँ है इक मुसाफ़िरख़ाना  हर कोई यहाँ चार … Continue reading माँ