मेरे नेह भरे “दो नैना”


है तुमसे मुझको नेह (स्नेह) बहुत

हो तुम ही मेरे नैना….

तुमसे है मुझको नेह बहुत

तुम ही मेरे  दो नैना…


तुम ही तो मेरे सब कुछ हो

हो तुम ही अब  सोना  सब गहना

है तुमपे ही सब  ज़िम्मेवारी

बस यही है तुमसे कहना….

 

है बनना तुमको ठण्डा झोंका

ख़ुश रहना   नित बहना,

जैसे उड़ते मस्त हो के  पन्छी

चिड़िया बाज़ तोता और मैना….

 

रखो खु़द पर विश्वास पूर्ण

कि सताए कभी कोई भय ना

किला सारा किया  तुम्हें सुपुर्द अब

कभी ना कहना, ना ना  मैं ना…..



हो जाते हैं उनके सभी स्वप्न साकार

आ जाता है जिन्हें सब सहना,

फिर होता है जीवन में सदा मंगल उनके

ऐसा विद्वानों – बुज़ुर्गों का है कहना……



तुमसे ही तो जीवन  मंगल  है

बस यही है तुमसे कहना,

है तुमसे मुझको  नेह  बहुत

      हो तुम ही मेरे  नैना…।।


तुमसे है मुझको नेह बहुत

   तुम ही मेरे    दो नैना . . . !!

कर दो मंगल सब  हे गोपाल (ईश्वर) अब

  यही, हाँ यही, बस यही है तुमसे कहना…..!!!

Some lines touch you so much that you become speechless….

This is such a thing for me..

Brilliant one Ashu👌

Thanks for these treasurable lines!

Happy reading readers

Yours loving warrior 

Naina


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8 thoughts on “मेरे नेह भरे “दो नैना”

    1. No no, not so
      Actually m inspired by u all, the members of this wonderful family, our family (Oye Scribblers)
      Feeling Proud to be a part of it.
      Keep blessing always…. 🙏🙏

      Liked by 3 people

      1. The beauty of this platform is that we learn and get inspired from each other irrespective of anything. I’m as much of a learner you are, so I am too in need of blessings 😀. May God bless us all

        Liked by 3 people

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