तस्वीरें और यादें


Happy reading

Yours loving warrior

Naina

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10 thoughts on “तस्वीरें और यादें

  1. ऐ तस्वीर, तू ज़रिया है याद दिलाने का
    या यादों मे से ही एक ज़र्रा है
    तुझे देख कर आता है याद बहुत कुछ
    कि मन में जो यादों का संसार भरा है

    फिर मिलता है हौंसला के अब उठ
    उठ सम्भल और चल, चल दौड़ लगा
    करने हैं तुझे सब सपने पूरे
    कि सामने तेरे उनका एक एक सपना खड़ा है

    जिसने रखी है हिम्मत,
    किये हैं हौंसले बुलन्द
    उन्हीं ने किये सपने सब साकार
    उन्हीं की हुई ये सम्पूर्ण वसुंधरा है….

    अब उठ, चल सम्भल, और सबको सम्भाल
    तुझे दिया विरासत में संस्कारों का रत्न खरा है
    सबको थाम , दे हाथ सभी को
    कि तू उनका है प्यारा, और सर्व गुणों से भरा है

    है तुझसे ही रौशन जहाँ हमारा
    और तुझसे ही तो ये बाग़, ये गुलशन हरा है
    अब उठ , बढ़ आगे, तार सभी को
    कि उनके शुभ आशीष से तू तो तरा तरा है…..।।।

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