मेरे नेह भरे “दो नैना”

है तुमसे मुझको नेह (स्नेह) बहुत हो तुम ही मेरे नैना.... तुमसे है मुझको नेह बहुत तुम ही मेरे  दो नैना... तुम ही तो मेरे सब कुछ हो हो तुम ही अब  सोना  सब गहना है तुमपे ही सब  ज़िम्मेवारी बस यही है तुमसे कहना....   है बनना तुमको ठण्डा झोंका ख़ुश रहना   नित बहना, जैसे … Continue reading मेरे नेह भरे “दो नैना”