साथ ~ 1


जब सब साथ हैं 

तो कहाँ कुछ भी झमेला है

मुसीबतें भी चुनौतियों का खेला है

मुसीबत में तो वो होता है

जो वाकई में अकेला है

जब सब साथ हैं

तो बदलते मौसम

भी खुशियो का मेला है

मौसम बदलने की फ़िक्र 

तो वो करता है 

जो वाकई में अकेला है

जब सब साथ हैं 

तो खुशी और गम 

दोनो ही बराबरी का सवेरा है

कहाँ कुछ भी झमेला है

फिक्र तो उसे है 

जो वाकई में अकेला है

Happy reading !

Yours loving warrior

Naina

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8 thoughts on “साथ ~ 1

  1. Wow….!! Padhne k baad bs ye hi samne aya….!!! 👌👌👌👌

    इस दुनियां में क्या वाकई कोई अकेला है ???

    Liked by 2 people

    1. ‘वाकई’ शब्द इसीलिए इस्तेमाल किया..तकी पढ़ने वाला अगर खुद को अकेला मान रहा है तो वो समझ सके और पूछ सके खुद से की क्या वो वाकई अकेला है? मुझे लगता है हर किसी को एक ही जवाब मिलेगा नहीं वाकई में तो मैं अकेला नहीं हूं 👍कोई नहीं तो मेरा हौसला मेरा साथी है ।

      Liked by 2 people

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