मूक…

माना की मैं नहीं कह सकती ,पर मेरे भी अलफ़ाज़ है ज़ुबान नहीं है मेरी, पर भावना तो मेरे साथ है  मुझे भी अभिव्यक्त होना है शब्द ना सहीं पर आँखे, हाथ और जुबां का एहसास है तुम्हारे स्पर्ष को भली भांति समझती हूँ अच्छा एवं बुरे का फर्क भी पहचानती हूँ मूक बधिर समझ … Continue reading मूक…