एहसास 



छोड़ दे इन यादों में तू रहना

मुस्कुराहट ही है तेरा गहन

सुन ले तेरे दिल का ये कहना

हम दोनों को है अब संग संग बहना

क्यों तुझको यादों के गम घेरे

हाँथ थाम ले मेरा दूर हो अंधेरे

मैंने देखे हैं सपने संग तेरे 

आ मेरे कांधे पर तू रो ले

कैसे काहू मैं कितना बेताब हूँ

तेरे बिना मैं बिलकुल बे ख्वाब हूँ

अपने ना सही मेरे सपने तू बुन दे

मैं दीवाना तेरा बेहिसाब हूं

                                            ~Virus_miki

Nice mili

Well written 👌🎈

It speaks of the healing ehsaas and trust for the loved one❤ very well.

Happy reading readers

Yours loving warrior 

Naina

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2 thoughts on “एहसास 

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