तू ही याद रहे बाकी सब मैं भुला दूँ

क्या करूँ ?? जो तू ही याद रहे बाकी सब मैं भुला दूँ सुख दुख भी अपने याद न रहे  कुछ ऐसा कर दे ना ऐ खुदा कर दे कुछ ऐसा की मैं सब कुछ भुला दूँ बस वही याद रहे जो मंज़िल है मंज़िल ही मेरी हमसफ़र है मंज़िल ही मेरा हक है कुछ … Continue reading तू ही याद रहे बाकी सब मैं भुला दूँ