चिराग़ कयी झिलमिलाएँगे 


मैं शाम अक्सर हारे बैठ जाता हूँ सुबह की तलाश में।
मैं रोज़ जाम कयी ख़त्म कर जाता हूँ, एक अनजानी सी प्यास में। 
हूँ मुख़ातिब हर बुराई से जहाँ की पर मयस्सर मैं हो जाता हूँ अच्छाई के ख़्वाब से।

यूँ तो हूँ शांत एक बूझी हुई लौ के धूँए सा मैं इस अंधेरे में,

पर चिराग़ कयी मैं जलाता हूँ, उस उजले आफ़ताब के लौट आने की आस में। 

ग़लत हूँ जगहों पर, पर अड़ जाता हूँ, सच्चाई के साथ में, 

मैं कोशिश सच की करता पर झूट अनगिनत कह जाता, एक मुस्कुराहट की ताक में। 

दरिंदगी से वाक़िफ़ हूँ अपनी, पर न्योछावर सब कर दूँगा नेकी की राह में 

मैं बंदगी नहीं करूँगा तेरी, पर सब छोड़ आना है मुझे, तुझे हासिल करने की राह में।
पर हाँ चिराग़ कयी झिलमिलाएँगे उस आफ़ताब के लौट आने की चाह में। 

रजत. (Itzwhisperer)

With great usage of tough words you express everything with simplicity that both layman and a well read man can get attracted to your writing…Rajat(whisperer)!

Us aftabh ke laut aane ki raah mein chiraag kai jhilmilayenge..

Awesome!

This is how inspiration must be taken.This is how pain should be handled and yes every pain can be handled afterall we are managable creatures(Remember huMan beings) 

Even unfulfilled dream makes you to help everyone else to fulfil their dream.

Galat ho jau kai jagah par

Ya bujhi hui lao kyu na ban jau

If you keep ‘right attitude’ and ‘courage’

Cent percent chirag kai jhilmilayenge!

Keep scribling rajat!

I had awesome time reding this!

Happy reading readers!

Yours loving warrior

Naina

Advertisements

3 thoughts on “चिराग़ कयी झिलमिलाएँगे 

  1. Beautifully expressed….
    Trying to add my views…
    Hope you like it

    आफताब की तरह चढ़ता हूँ उतरता हूँ
    यार मैं पल पल जलता हूँ…

    फ़िक्र ना करो की कभी तुम्हे जला जाऊंगा
    आफताब हूँ चारों ओर रौशनी ही फैलाऊंगा ।

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s