True Love-1

Seldom we meet persons, with whom we feel a certain connect that is unique that we even understand the silence, the selfless love, which does not expect anything in return of love just it believes in spreading affection. The happiness which entails in the smile of the beloved exceeds any material thing in the world. … Continue reading True Love-1

शीवजी,आप कितने शीतल,कितने शांत !

  शीवजी आप कितने शीतल  कितने शांत  मगन हो कर करते आप ध्यान   नैना बंद हैं  फिर भी जगत का आपको सारा ज्ञान  नहीं होते कभी परेशान  बता रही आपकी मधर मुस्कान  शीवजी आप कितने शीतल  कितने शांत  मुझे भी बना दो ना  अपने समान थोड़ी शीतल  थोड़ी शांत   शीवजी आपकी लीला महान  … Continue reading शीवजी,आप कितने शीतल,कितने शांत !